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Monday, March 23, 2026

लोकसभा हंगामे पर पीएम मोदी का बयान, कागज उछालने को बताया असम का अपमान


यूरोप के ऑटोमोबाइल सेक्टर पर बढ़ते दबाव के बीच दो दिग्गज कंपनियों ने यूरोपीय संघ से खुलकर मदद की मांग की है। Volkswagen AG (वोक्सवैगन एजी) और Stellantis NV (स्टेलेंटिस एनवी) का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और चीनी कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा ने यूरोपीय ऑटो उद्योग को मुश्किल दौर में डाल दिया है।

यूरोप में बनी कारों के लिए कार्बन बोनस की मांग

प्रधानमंत्री ने कहा “कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति जी का अपमान किया। चुनाव के बाद जिस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति जी के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। भारत की राष्ट्रपति जी के लिए क्या कह रहे हैं ये लोग? कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का आपने अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।”

कांग्रेस को असम की जनता से नफरत 

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में बुधवार को लोकसभा में हुए हंगामे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आसन पर हमारे एक सांसद बैठे थे, उस वक्त कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर-असम का अपमान नहीं है? आंध्र के दलित परिवार का बेटा बैठा था वहां। यानी आपने पूर्वोत्तर के बेटे का अपमान और आंध्र के बेटे का अपमान किया। वे दलित समाज से आते हैं, इसलिए आप उनका अपमान करते हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस के लोगों को असम की जनता से नफरत है। उन्हें लगता है कि असम की जनता ने उनका साथ छोड़ दिया इसलिए वे उनके दुश्मन हो गए। मुझे तकलीफ होती है कि उन्हें भारत रत्न भूपेन हजारिका की भी कोई परवाह नहीं है। हमारा सौभाग्य है कि उनका देश के लिए जो योगदान था, पूर्वोत्तर से उन्होंने अपनी वाणी, विचारों से जोड़ा, हमने उन्हें भारत रत्न देने का निर्णय किया। लेकिन उन्हें उनसे भी समस्या है।

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