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Wednesday, March 25, 2026

Mumbai में प्रदूषण पर सख्त कदम, 1000+ साइट्स को नोटिस


मुंबई| में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार और नागरिक निकाय सख्त हो गए हैं। शहर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत, नियमों का पालन नहीं करने वाली कंस्ट्रक्शन साइटों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को मंत्री पंकजा मुंडे ने विधानसभा में इस बारे में जानकारी दी।राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि मुंबई में 1000 से ज्यादा कंस्ट्रक्शन साइटों को काम रोकने का नोटिस जारी किया है। इन साइटों पर पर्यावरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। सरकार के क्लीन एयर अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच शहर में कुल 1,981 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, 1,047 साइटों को काम बंद करने का आदेश दिया गया। यह जानकारी मंत्री ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर एक लिखित जवाब में दी।मंत्री पंकजा मुंडे ने प्रदूषण के कारण किसी भी तरह के सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की बातों से इनकार किया। उन्होंने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) की रिपोर्ट का हवाला दिया। इन रिपोर्टों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता संतोषजनक और मध्यम श्रेणी में रहने के बावजूद बच्चों और बुजुर्गों पर कोई बुरा असर नहीं देखा गया।

उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई

पंकजा मुंडे ने बताया कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नियमों और दिशानिर्देशों का पालन न करने वाले प्रोजेक्ट को पहले औपचारिक सूचना दी जाती है। इसके बाद कारण बताओ नोटिस और फिर भी नियम न मानने पर काम रोकने का आदेश दिया जाता है।मंत्री ने बताया कि मुंबई में एक्यूआई का स्तर संतोषजनक (51-100) और मध्यम (101-200) है। उन्होंने टेक्नोलॉजी पर जोर देते हुए बताया कि जनवरी तक शहर की 2,224 कंस्ट्रक्शन साइटों में से 1,952 पर एयर क्वालिटी सेंसर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, सेंसर न लगाने के कारण 16 जनवरी को ही 678 प्रोजेक्ट का काम रोक दिया गया था।बीएमसी के 25 वार्ड-स्तरीय उड़नदस्तों ने भी अवैध रूप से मलबा ले जाने वालों पर कार्रवाई की है। अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच 1.21 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, धूल की समस्या से निपटने के लिए 126 पानी के टैंकर और 25 मिस्टिंग मशीनें तैनात की गई हैं, जिनसे 14,408 किलोमीटर सड़कों की धुलाई की गई है।

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